खुशालपुर में विवादित जमीन का एसडीएम और तहसीलदार ने किया निरीक्षण 

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बोले, राजस्व अभिलेखों में नहीं है कोई चकमार्ग, आपसी सहमति से बन सकेगी बात 

  • प्रधान पुलिस से मिलकर जबरन डलवा रहा था खरंजा
  • खुदकुशी करने वाली महिला की हालत स्थिर  

एत्मादपुर (बरहन)। थाना क्षेत्र के गांव खुशालपुर में सोमवार को ग्राम प्रधान द्वारा निजी खेत में पुलिस से मिलकर जबरन खरंजा बनवाने का विरोध कर रही महिला पुलिस से तकरार के बाद खुदकुशी करने का प्रयास किया, लेकिन महिला ग्रामीणों की मदद से बचा लिया गया। फिलहाल, महिला अस्पताल में भर्ती है।

        मंगलवार को एसडीएम संगमलाल गुप्ता व तहसीलदार मांधाता प्रताप सिंह ने गांव पहुंचकर राजस्व टीम के साथ वहां का स्थलीय निरीक्षण किया।तहसीलदार मांधाता प्रताप सिंह ने बताया कि मौजा मुर्थरअलीपुर के गांव खुशालपुर में चरन सिंह के गाटा संख्या 630 रकवा 0.4610 में सभी संक्रमणीय भूमिधर है। इसी गाटा संख्या से सटा हुआ गाटा संख्या 716 है। जिसमें हाकिम सिंह आदि के मकान बने हुये है। दोनों चकों के मध्य राजस्व अभिलेखों में कोई चकमार्ग या रास्ता दर्ज नहीं है। चरन सिंह व हाकिम सिंह पक्षों के मध्य रास्ते को लेकर विवाद था। वर्तमान में कार्य रूकवा दिया गया है। चरन सिंह ने राजस्व अधिनियम की धारा 24 के तहत पैमाइश हेतु वाद दाखिल किया है। जो कोर्ट में लंबित है।

       बतादेँ कि गांव खुशालपुर में एसडीएम के आदेश पर सोमवार को भूमि विवाद की जांच करने पहुची पुलिस ठेकेदार और ग्राम प्रधान से मिलकर खुद ही पंच बन गई थी, जिसने हाकिम सिंह के खेत में जबरन सडक निर्माण कराना शुरू कर दिया था। जिसका विरोध कर रही चरन सिंह की पत्नी शीला देवी से पुलिस ने अभद्रता भी की गई। शीला देवी पुलिस से बार बार यही कह रही थी कि पहले उसके खेत की पैमाइश करके रकवा पूरा करा दो, उसके बाद सडक निर्माण कराया जाय। अन्यथा वह खुदकुशी कर लेगीं। लेकिन पुलिस उसकी सुनने को तैयार नहीं थी। जबरन सडक बनवाने एंव पुलिस की अभद्रता से कुपित होकर शीला देवी फांसी का फंदा गले में डाल कर झूल गई थी। जिसे ग्रामीणों की मदद से फंदे से गम्भीर हालत मे उतारकर आगरा के निजी हॉस्पीटल मेें भर्ती कराया गया है। जिसकी हालत स्थिति बनी हुई है।

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