न्यायिक कार्यों में समझौता नहीं करती थीं अहिल्याबाई: बीएल वर्मा
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- छलेसर के महावीर ढाबा पर आयोजित की मां अहिल्याबाई होल्कर की जयंती
एत्मादपुर (आगरा)। लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर अपने न्यायिक कार्यों में समझौता नहीं करती थीं। धर्मनिरपेक्षता और कर्तव्य परायण की इकलौती प्रतिमूर्ति थीं। उनके शासन में किसी के साथ भेदभाव होना दुनिया से परे था। उक्त विचार छलेसर स्थित महावीर ढाबा पर आयोजित हुई जयंती समारोह में केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा ने व्यक्त किए।
शनिवार को मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा ने लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित किया। इस दौरान कार्यक्रम संयोजक हरिओम बघेल, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम भदौरिया, बबलू लोधी, मुनेश कुमार, राहुल भारद्वाज, मनवीर बघेल, केरन सिंह, हंसराज सिंह, मंजू बघेल, रूप किशोर, विजय वीर, राज कुमार, महेश चंद्र आदि मौजूद रहे।

इधर, एत्मादपुर के नगला गंगाराम में युवा नेता संजय बघेल के नेतृत्व में जयंती समारोह आयोजित किया गया। जिसमें गांव के दर्जनों अधिक युवाओं ने लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर के अनुशरणों को चुना। उनका कहना था कि देवी अहिल्याबाई होलकर ने हिंदू धर्म के लिए 12672 देवी देवताओं के मंदिरों का जीर्णोद्धार ही नहीं किया, बल्कि सनातन धर्म की रक्षा के लिए विदेशी आक्रांताओं के दांत भी खट्टे किए थे। जनता के कार्यों में सुशील रहना और गुणी महिला थी।
इस अवसर पर प्रधान प्रतिनिधि मुकेश बघेल, सपा नेता जेपी यादव, महेंद्र सिंह बघेल, पूरन सिंह नेताजी, गीतम सिंह, रमेश बघेल, संजय बघेल, विकास बघेल, सनी बघेल, संध्या बघेल इत्यादि लोग प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
