अंतिम सांस तक जेल में रहेंगे कैप्टन अनेक सिंह सिकरवार हत्याकांड के दोषी

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- हत्या और लूट के मामले में महिला सहित तीन को सुनाई सजा
- अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने सुनाया है फैसला
एत्मादपुर (आगरा)। एक दशक पूर्व हुए चर्चित कैप्टन अनेक सिंह सिकरवार हत्याकांड और लूट के मामले में अदालत ने एक महिला और दो लोगों को दोषी ठहराते हुए तीनों को आजीवन सश्रम कारावास और अर्थदंड जुर्माने की सजा सुनाते हुए जेल भेजा है। फैसला आने के बाद पीड़ित बृजेश सिंह सिकरवार सहित परिजनों ने इस सत्य की विजय बताया है।
गौरतलब है कि वर्ष 19 जनवरी 2016 को एत्मादपुर के हाइवे स्थित होटल राष्ट्रदीप व भगवान फिलिंग स्टेशन के स्वामी कैप्टन अनेक सिंह सिकरवार की थाना खंदौली के मई गांव में लूट के बाद हत्या कर दी गई थी। इस मामले में उनके पुत्र बृजेश सिंह सिकरवार ने अज्ञात लोगों के विरुद्ध थाना एत्मादपुर में मुकदमा पंजीकृत कराया था। घटना के तीसरे दिन एत्मादपुर पुलिस ने एक महिला और दो लोगों को दबोच लिया, उनके कब्जे से आठ लाख 51 हजार नौ सौ रुपये और एक मोबाइल बरामद किए थे। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नीरज कुमार बख्शी ने इस मामले में खंदारी में किराए पर रहने वाले दिलीप व उसकी पत्नी रजनी उर्फ मीनू और खैरागढ़ निवासी रोहित उर्फ रामअवतार को आजीवन सश्रम कारावास और अर्थदंड (जुर्माने) की सजा सुनाई है।
वही, इसी मामले में दिलीप पर बीस हजार रजनी उर्फ मीनू और रामावतार पर 19 हज़ार का अर्थदंड भी लगाया है। यह जानकारी इस मामले की पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल कुलश्रेष्ठ व अनुराधा दीक्षित तथा रवि कुशवाह ने दी।
न्यायालय में फैसले के बाद फूटकर रो पड़े हत्यारोपी
होटल राष्ट्रदीप के मालिक व पेट्रोल पंप स्वामी की हत्या में शामिल तीनों को पुलिस अदालत में लेकर आई थी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नीरज कुमार बख्शी ने तीनों को आजीवन कारावास और अर्थ दंड (जुर्माने) की सजा सुनाई। सजा सुनते ही तीनों के आंसू छलक पड़े। साथ में मौजूद परिजनों को देख फूट-फूट कर रोने लगे।
हाईवे स्थित नगला परमसुख के पास होटल राष्ट्रदीप व भगवान फिलिंग स्टेशन के स्वामी कैप्टन अनेक सिंह सिकरवार हर रोज की तरह 19 जनवरी 2016 को दिन भर की पेट्रोल बिक्री व होटल का नौ लाख दस हजार रूपये लेकर अपनी कार से घर के लिए निकले थे। उनके घर जाने वाले रास्ते पर पहले से ही घात लगाकर खड़ी रजनी उर्फ मीनू ने उन्हें हाथ देकर रोक लिया। कुछ ही देर बाद रामअवतार उर्फ रोहित और पति दिलीप भी आकर गाड़ी में बैठ गए। इस दौरान गाड़ी रामअवतार उर्फ रोहित चलने लगा। गाड़ी को लेकर थाना खंदौली के गांव मई रोड पर ले जाकर सुनसान इलाके में अनेक सिंह सिकरवार की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। घटना को अंजाम देकर रुपयों से भरा बैग लेकर मौके से फरार हो गए और कार की चाबी आलू को खेतों में फेंक दी थी।
जिन्हें पुलिस ने तीन दिनों बाद गिरफ्तार कर लिया। हत्यारोपी रामअवतार ड्राइवर और मीनू पेट्रोल पंप पर पूर्व में तेल बिक्री का काम करती थी, जिन्हें उनकी हरकतों के चलते काम से हटा दिया गया था। इससे क्षुब्ध होकर दोषी तीनों ने षड्यंत्र के तहत मालिक को फंसाकर उनकी लूट के बाद हत्या कर दी गई थी।