मेले पूर्वजों की विरासत, इन्हें सहेजना हमारा नैतिक कर्तव्य: प्रो. बघेल

- केंद्रीय मंत्री व विधायक ने किया सात दिवसीय कंस मेला का शुभारंभ
- आज निकलेगी कृष्ण-बलराम की झांकी, होगा कंस वध
एत्मादपुर (आगरा)। धार्मिक मेले हमारे पूर्वजों की विरासत है। इन्हें सहेजना हम सभी का नैतिक कर्तव्य है। मेले में शक्कर को शक्कर और टक्कर को टक्कर नहीं होनी चाहिए, शक्कर का आनंद लो, लेकिन टक्कर मत मारो। उक्त विचार एत्मादपुर के ऐतिहासिक कंस मेला शुभारंभ के दौरान केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने व्यक्त किये।
शनिवार को एत्मादपुर में लगने वाला ऐतिहासिक कंस मेला का केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल व क्षेत्रीय विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह ने फीता काटकर शुभारंभ किया। नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. सुरेश कुशवाह व अधिशासी अधिकारी रवि कुमार यादव ने अतिथियों का माला पहनाकर स्वागत किया। केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने मेले को संबोधित करते हुए कहा कि डेढ़ सौ साल पुराने ऐतिहासिक कंस मेले को आय के साधन के रूप में न देख सांस्कृतिक धरोहर के रूप में सहेजना चाहिए। दूर-दराज से आने वाले दुकानदार और जनता को सभी आवश्यक सुविधाएं मुहैया करानी चाहिए। क्षेत्रीय विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह ने कहा कि मेले मेल-मिलाप के होते हैं। लोग मेला में उक्त साधनों का भरपूर आनंद लें। मेले में भाई-चारे की मिसाल को क़ायम रखें। मेले में आज रविवार को श्रीकृष्णा और बलराम की झांकी निकाली जाएगी। उसके बाद अत्याचारी कंस का वध होगा। कार्यक्रम का संचालन समाजसेवी डॉ. अरुण उपाध्याय ने किया।
इस अवसर पर श्रीमती स्वदेश बघेल, रागिनी सिंह, शारदा देवी, बैजंतीमाला, राजदीपक गुप्ता, माधवेन्द्रनाथ सिंह, मदनबाबू चंदेल, लज्जाराम धनगर, सोमेंद्र राजपूत, मनोज बघेल, शुभम कुश, हाजी फरीद खां, मुफीज खान, राम प्रकाश राठौर, जवाहर कुशवाह, मनुआ त्यागी, सचिन बघेल, खलील कुरैशी, कदीर कुरैशी आदि मौजूद थे।