विवादित जमीन पर पुलिस ने जबरन डलवाया खरंजा, महिला ने जान देने की कोशिश
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- परिजनों के हंगामा के बाद बैक फुट पर आई पुलिस
- मुर्थरअलीपुर के गांव खुशालपुर की घटना
एत्मादपुर (आगरा)। विकासखंड एत्मादपुर की ग्राम पंचायत मुर्थरअलीपुर के गांव खुशहालपुर में विवादित भूमि पर जबरन खरंजा निर्माण करने पर हंगामा खड़ा हो गया। बुजुर्ग महिला ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए फंदा लगाकर जान देने की कोशिश की। परिजनों का हंगामा बढ़ता देख खरंजे का निर्माण करा रहे ठेकेदार और प्रधान मौके से भाग गए।
गांव खुशहालपुर के रहने वाले चरन सिंह और हाकिम सिंह के घरों के बीच एक चकरोड को लेकर एसडीएम कोर्ट में करीब एक वर्ष से विवाद चल रहा है। जमीन की पैमाइश भी नहीं की गई। जिस पर गांव में पंचायत निधि से सीसी खरंजे का निर्माण कार्य चल रहा है। चरन सिंह का कहना है कि जिस स्थान पर खरंजे का निर्माण है, वह उनके जेत में कराया जा रहा है। उन्होंने 12 अगस्त 2024 को एसडीएम संगमलाल गुप्ता के यहां प्रार्थना पत्र दिया था। जिसका वाद एसडीएम कोर्ट में लंबित है। सोमवार को अपने घर के सामने खरंजे के निर्माण के विरोध में चरन सिंह की 55 वर्षीय पत्नी शीला बीच में आ गईं और खरंजे पर बैठ गईं।
शीला देवी कहना है कि उन्हें खरंजे से कोई नुकसान नहीं है। पहले उनकी भूमि की पैमाइश कराई जाए, उसके बाद चकरोड़ निकलता है तो वह उसका विरोध नहीं करेंगी। मौका-ए-मामले पर मौजूद ग्रामीणों ने पुलिस और शीला देवी के बीच हुई तकरार की वीडियो क्लिप बना ली। विवाद के बाद भी पुलिस ने शीला देवी को हटाने के बाद खरंजे का निर्माण कार्य शुरू करा दिया। पति चरन सिंह का आरोप है कि इससे क्षुब्ध होकर शीला देवी ने घर जाकर गले में फंदा डालकर जान देने कोशिश की गई। वे छत में लगे पंखे से लटक गई। नातिन अंजली के शोर करने पर पहुंचे परिजनों ने उन्हें नीचे उतार लिया। महिला की हालत बिगड़ती देख लोगों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया।
घटना के बाद ग्रामीणों ने सोशल मीडिया पर शीला देवी और पुलिस के बीच हुई तकरार का वीडियो में वायरल कर दिया।उन्होंने पुलिस और ग्राम प्रधान पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए जबरन खरंजा का निर्माण कराने का आरोप लगाया। पुलिस के मुताबिक महिला ने आत्महत्या का प्रयास नहीं किया, उसका ब्लड प्रेशर लो होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
एसीपी पीयूषकांत राय ने बताया कि खरंजा निर्माण को लेकर हुए विवाद को शांत करने पर पुलिस पहुंची थी, पुलिस ने महिला को समझाकर रास्ते से हटा दिया गया था। पुलिस पर जबरन निर्माण कार्य कराए जाने की बात पूर्णतया गलत है। वहीं, एसडीएम एत्मादपुर संगमलाल गुप्ता ने बताया कि लेखपाल से जानकारी हुई है कि सरकारी अभिलेख में कोई चकरोड नहीं है। किसके कहने पर वहां निर्माण कार्य कराया जा रहा था, इसकी जांच कराई जा रही है।
