एत्मादपुर के बेपरवाह स्वास्थ्य अधीक्षक पर कार्यवाही कब! 8 दिन बीत जाने के बाद भी नहीं जागा विभाग

0
  • विधायक की सख्ती के बाद भी अधीक्षक पर नहीं हुई कार्रवाई
  • अस्पताल में 25 अक्टूबर को मासूम बच्ची की हुई थी मौत

एत्मादपुर (आगरा)। सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बेहद संवेदनशील हैं। उनकी नौकरशाही की बात करें, तो वह संवेदनहीन हो गई है। जिंदा ही नहीं, मौत के बाद एकाएक पर्दा डालने की कोशिश की जा रही है। यह संवेदनशील स्वास्थ्य विभाग के संवेदनहीन अफसरों का कारनामा उजागर हुआ है। बीते दिन विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह ने स्वास्थ्य विभाग के अधीक्षक के काले कारनामे अपने निरीक्षण में उजागर किया। बावजूद उसके कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री व डिप्टी सीएम बृजेश पाठक और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री व आगरा के तेजतर्रार सांसद प्रो. एसपी सिंह बघेल व विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह होने के बावजूद भी स्वास्थ्य विभाग के अफसर एत्मादपुर सीएचसी के अधीक्षक डॉ. संजीव वर्मा के काले कारनामे पर सफेद स्याही पोतने में लगे हैं। 25 अक्टूबर की शाम एत्मादपुर के गांव समय निवासी प्रसूता की प्रसव के दौरान मासूम बच्ची की मौत हो गई थी। इसके बाद परिजनों ने हंगामा काटा। परिजनों अधीक्षक डॉ. संजीव वर्मा पर लापरवाही का आरोप लगाया। जिससे बच्चे की मौत हुई है। मामले को आठ दिन बीत जाने के बावजूद संबंधित विभाग में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है।

विधायक को अनुपस्थित मिले थे अधीक्षक
सोमवार की रात्रि को विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह ने अस्पताल का निरीक्षण किया तो अधीक्षक स्वयं अनुपस्थित मिले। बाद में वह अस्पताल पहुंच गए, और अपनी कमियों पर साफ सफाई देने लगे। जिससे विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह का पारा चढ़ गया। स्टाफ रजिस्टर पर चिकित्सकों की हाजिरी पूरी थी, लेकिन चिकित्सक गायब थे। इसे विभाग की लापरवाही कहें या हठधिर्मता।

एत्मादपुर सीएचसी अधीक्षक के संबंध में संबंधित विभाग को अवगत करा दिया गया है। निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।
डॉ.धर्मपाल सिंह विधायक एत्मादपुर।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *