क्या जीत का रिकॉर्ड तोड़ पाएंगे सीकरी के राजकुमार?
- इस लोकसभा सीट पर अभी तक दो बार किसी ने नहीं फहराया जीत का परचम
- राजनीतिक पंडितों का मानना, धनुष रूपी रिकॉर्ड का राजकुमार ही करेंगे भंजन
आगरा। परिसीमन के बाद 2009 में अस्तित्व में आई मुगल बादशाह अकबर के किले और ख्वाजा सलीम चिश्ती की दरगाह के लिए मशहूर फतेहपुर सीकरी की लोकसभा सीट इस समय मंडल में सबसे रोचक हो गई है। 2019 में पांच लाख से अधिक रिकॉर्ड वोटों से चुनाव जीतने वाले भाजपा के प्रत्याशी राजकुमार चाहर पर भाजपा ने इस बार फिर अपना विश्वास जताया है। यदि राजकुमार चाहर इस बार भी जीत का परचम फहराते हैं तो वो एक और रिकॉर्ड अपने नाम कर लेंगे। वो रिकॉर्ड है इस सीट पर अभी तक कोई भी प्रत्याशी दो बार सांसद नहीं बना है।पहली बार जब यह सीट अस्तित्व में आई तब प्रदेश में बसपा की सरकार थी। बहिन मायावती ने अपने कद्दार और विश्वसनीय मंत्री रहे रामवीर उपाध्याय की पत्नी सीमा उपाध्याय को यहां बसपा का प्रत्याशी घोषित किया था। वह यह चुनाव जींती थीं। इस चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी रहे सिने अभिनेता राजबब्बर महज दस हजार वोटों से चुनाव हारे थे। तथा भाजपा प्रत्याशी अरिदमन सिंह को तीसरे स्थान पर संतोष करना पड़ा।
दूसरी बार 2014 में भाजपा ने बाबूलाल को इस सीट से प्रत्याशी घोषित किया। वहीं बसपा ने दूसरी बार भी सीमा उपाध्याय पर अपना विश्वास जताया। नतीजन बाबूलाल एक लाख से अधिक वोटों से चुनाव जीते थे। सीमा उपाध्याय को हार का सामना करना पड़ा था। 2019 में में भाजपा ने सांसद चौधरी बाबूलाल का टिकट काटकर राजकुमार चाहर को अपना प्रत्याशी घोषित किया। इस चुनाव में चाहर पांच लाख से अधिक रिकॉर्ड मतों से जीते थे।
2024 के लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा ने राजकुमार चाहर पर एक बार फिर दांव खेला है। इस सीट के वोटरों के रुझान से अभी तक निष्कर्ष निकला है कि उन्होंने किसी भी प्रत्याशी को दोबारा जीत हासिल नहीं कराई है। मगर वर्तमान सांसद राजकुमार के पीछे दिख रहे जन सैलाब से राजनीतिक पंडितों का मानना है कि इस धनुष रूपी रिकॉर्ड का क्षेत्र के राजकुमार ही भंजन करेंगे।
